धर्म के ठेकेदार इस पर ध्यान दें: इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी, सिर्फ विवाह के लिए धर्म परिवर्तन स्वीकार्य नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि भारत का संविधान प्रत्येक बालिग नागरिक को अपनी मर्जी से धर्म अपनाने व पसंद की शादी करने की आजादी देता है। इस पर कोई वैधानिक रोक नहीं है।